Showing posts with label Indian Culture. Show all posts
Showing posts with label Indian Culture. Show all posts

Friday, August 21, 2020

Indian Culture

 अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम_। 
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुंबकम_।। 

भावार्थ -यह अपना है और यह पराया, ऐसी सोच रखने वाले बहुत छोटे दिल तथा तुच्छ मानसिकता वाले होते हैं। बड़े दिलवालों एवं उच्च विचार वालों के लिए तो पूरी धरती ही उनका परिवार होती है, अर्थात_भारतीय संस्कृति में अपना पराया करने वालों को बहुत हेय दृष्टि से देखा गया है, यहाँ केवल आपने छोटे परिवार की संकल्पना नहीं है बल्कि पूरे विश्व को ही अपना परिवार माना गया है। भारतीय संस्कृति प्रेम व भाई-चारे की मिसाल है। किसी के प्रति भेद-भाव एवं घृणा-द्वेष  का यहाँ कोई स्थान नहीं।